Sunday, March 1, 2020

HEARTFULNESS ESSAY EVENT 2019 
आयोजक 
श्री रामचंद्र मिशन यूनाईटेड नेशंस इन्फोर्मेशन सेंटर एंड हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट 
विद्यालय को प्रतियोगिया सफल बनाने में अपना सक्रिय सहयोग देने के लिए केरू स्थित हार्टफुलनेस सेंटर में सम्मानित किया गया .


इस अवसर पर मेडिटेशन की तकनीक और इसके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तुत की गई .


इस प्रतियोगिता में ज़िला स्तर पर विद्यालय के चार छात्रों ने पुरूस्कार प्राप्त किये .

एल.एन.भटनागर की नाट्यकृति ’’रिश्तों के आवरण’’ का विमोचन

अहिंसा सभागार बना साहित्यिक कृति के विमोचन का गवाह 
एल.एन.भटनागर की नाट्यकृति ’’रिश्तों के आवरण’’ का विमोचन





जोधपुर 29 फरवरी। ’’छन्द देवताओं के वचन हैं.., नाटक दृश्य को शब्दों के अन्दर छिपाता है जिसे अभिनेता दर्शकों तक लाने का माध्यम बनता है......, वेदों से पाठ्य, प्राण, अभिनय और रस को मिलाकर नाटक बनता है...’’ यह उद्गार राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के अध्यक्ष डाॅ. अर्जुनदेव चारण ने लक्ष्मीनारायण भटनागर की नाट्यकृति ’’रिश्तों के आवरण’’ के विमोचन के अवसर पर महात्मा गांधी स्कूल के अहिंसा सभागार में शनिवार को आयोजित विमोचन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने नाटक को देखने और खेलने वालों की सम्पत्ति बताया।


अवनी संस्था के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में सचिव शब्बीर हुसैन ने बताया कि हरीश देवनानी के स्वागत उद्बोधन से प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में डाॅ. सुनील माथुर और रंगकर्मी व प्रधानाचार्य मज़ाहिर सुलतान ज़ई ने कृति और कृतिकार पर पत्रवाचन किया, कृतिकार भटनागर ने नारी की मर्यादा, संस्कारों और भारतीय संस्कृति को जीवित रखने के मूल भाव को दृष्टिगत रखकर नाटक रचने की क्रिया के बारे में बताया, विशिष्ठ अतिथि आकाशवाणी जोधपुर के पूर्व केन्द्र निदेशक अनिल कुमार राम ने कहा कि संस्कारों को आत्मसात करने के लिये उपदेश की नहीं बल्कि व्यावहारिकता पूर्वक देखने की आवश्यकता होती है अरविन्द भट्ट ने पुस्तक की प्रासंगिकता पर टिप्पणी की .



कार्यक्रम में हबीब कैफी, प्रमोद वैष्णव, आशीष चारण, अरू व्यास, ओमकार वर्मा, सईद ख़ान, मुकुट माथुर, मदन बोराणा, विनय प्रकाश, अकमल नईम, रतनसिंह चम्पावत, भवानी सिंह, अजयकरण जोशी सहित रंगकर्मी, साहित्यकार एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

तस्वीरों की गवाही 






 कार्यक्रम का संचालन रंगकर्मी कमलेश तिवारी ने किया तथा शब्बीर हुसैन ने आभार व्यक्त किया।



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UPDATED BY
AKMAL NAEEM SIDDIQUI

Monday, February 24, 2020

विद्यालय के अहिंसा सभागार में उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की दो दिवसीय सत्रान्त वाक् पीठ आयोजित
( प्रथम दिवस )
कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञान की देवी मानी जाने वाली सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण के द्वारा की गई .



सर्वप्रथम कार्यक्रम के अतिथियों का माल्यार्पण कर और मोमेंटो प्रदान कर स्वागत किया गया .







’’संस्था प्रधान की दृढ और प्रबल इच्छा शक्ति न केवल छात्र का मार्ग प्रशस्त करती है अपितु पूरी संस्था को एक सद्मार्ग पर लाकर मिसाल क़ायम कर सकती है....’’ यह उद्गार उद्घाटन सत्र में शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रोफेसर डाॅ. अय्यूब खान ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किये .
सत्र की अध्यक्षता करते हुए संयुक्त निदेशक जोधपुर सम्भाग प्रेमचन्द्र सांखला ने विभाग की गतिविधियों की जानकारी देते हुए विषय अध्यापकों की मैपिंग करने का आव्हान किया।

संयुक्त निदेशक श्रीमती नूतनबाला कपिला ने आनलाइन प्रक्रिया के अन्तर्गत समस्त संस्था प्रधानों से अपने आपको अपडेट रहकर सहयोग करने की अपील की .

इससे पूर्व श्रीमती नूतन बाला कपिला का वाक् पीठ में स्वागत किया गया .

प्रधानाचार्य कोमलसिंह चम्पावत ने विभागीय जांच की प्रक्रिया, हनुमान राम चौधरी ने आनलाईन प्रक्रिया से ज्ञान सम्पर्क पोर्टल के माध्यम से दान देकर 80 जी के अन्तर्गत आयकर छूट की रसीद प्राप्त करने की प्रक्रिया को प्रायोगिक रूप दर्शाया वहीं नन्दकिशोर दाधीच ने बोर्ड परीक्षा परिणाम उन्नयन, डाॅ. निज़ामुद्दीन ने बोर्ड परीक्षा के कुशल प्रबन्धन एवं संचालन, आशा सोलंकी ने एकीकृत शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्ठियां, अनिल सांखला ने संस्था प्रधान के दायित्व तथा सेवानिवृत उप निदेशक प्रेमसिंह कच्छवाह ने विद्यालय रिकार्ड के रखरखाव एवं संधारण पर व्याख्यान वार्ता दी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय डाॅ. भल्लूराम खीचड़, ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी प्रहलादराम गोयल, संयोजक मज़ाहिर सुलतान ज़ई, सचिव पवन कुमार शर्मा, हरि सिंह चैधरी व जिला समान परीक्षा योजना सचिव किशोर कुमार ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में शहर के समस्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधान उपस्थित थे।




कार्यक्रम का संचालन डाॅ. निज़ामुद्दीन ने किया।

( द्वितीय दिवस )

दो दिवसीय सत्रान्त वाक्पीठ का समापन सत्र
कार्यक्रम का प्रारम्भ सर्वधर्म प्राथना से किया गया .


आयोजन में सचिव पवन कुमार शर्मा ने पूर्व के दिन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तत्पश्चात् आयोजित वार्ताओं के क्रम में महात्मा गांधी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल की प्रधानाचार्य डाॅ. नलिनी राजोतिया ने प्रधानाचार्य के कार्यों पर, अम्बेडकर आवासीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेशाराम ने अनुशासन पर, पूर्व प्राचार्य डाईट चेतन सैन ने स्वास्थ्य पर तथा श्रीमती शमीम खान ने सह शैक्षिक गतिविधियों के क्रियान्वयन पर वार्ताएं प्रस्तुत की, शैक्षिक विषयों की परिचर्चा के खुले सत्र में समान परीक्षा सचिव किशोर कुमार, हरिसिंह चौधरी, पुरूषोत्तम राजपुरोहित, मोहम्मद हसनैन कुरैशी, विजय सिंह गहलोत तथा मनीषा नागोरा ने भाग लिया






वाक् पीठ संयोजक प्रधानाचार्य स्थानीय विद्यालय श्री मज़ाहिर सुलतान ज़ई का वाक् पीठ के सफल और गरिमामय आयोजन के लिए सम्मान किया गया . 



 सेवानिवृत होने वाली प्रधानाध्यापिक गीता राजपुरोहित का भी सम्मान किया गया .



वाक् पीठ ब्लाक  शिक्षा अधिकारी प्रहलादराम गोयल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुई।

रिपोर्ट 
अकमल नईम सिद्दीक़ी